child exploitation (बाल शोषण) 1.रैगिंग करने से 2.बाउंड्रीवॉल ना होने से 3.सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस टीम का राउंड और काउंसलिंग नहीं होना 4.बच्चें अपराधि द्वारा किए गए दुष्कार्य को जाहिर करने में सक्षम नहीं हो पाते , 5.कभी - कभी तो वह समझ ही नहीं पाते कि उनके साथ यह हो क्या रहा है? 6.डर से 7.बच्चों को अपने अधिकार के बारे में जानकारी नहीं होती है 8.स्कूल गाँव क बाहर एवं एकांन्त मे होने से 9.आसमाजिक तत्व स्कूल परिसर मे होने से 10.कतिपय शिक्षक भी ऐसी मांसिकता के होते है 11.बच्चो को जागरूक नहीं कराया जाता है, 12.पुस्तकों में लैंगिक उत्पीड़न अधिनियम के कठोर प्रावधान,गुड टच एंड बैड टच के रूप में रंगीन चित्रों के द्वारा प्रदर्शन सम्मिलित नहीं किया जाता है।किन्तु यह आधुनिक समय की विशेष माँग है। 13.उत्पीड़न,यौन शोषण,पोर्नोग्राफी के खिलाफ अपनी बात नही बता पाना। 14.मोबाईल से 15.गरीबी से 16.अंधविश्वास से 17.लालच और डर आदि के कारण 18.एक -उत्तेजक व गलत खानपान एवं वातावरण 19.मोबाईल इंटरनेट का दुरुपयोग 20.घटिया मानसिकता,गंदी सोच,नैतिकता की कमी 21.मारना,पीटना धमकाना 22.समाज कहीं न कहीं जिम्मेदार है। 23.कभी-कभी बच्चों की पिटाई भी लगा दी जाती है | 24.शिक्षिकाओं तथा अन्य स्टाफ कर्मियों की उदासीनता और लापरवाही से होता है। 25.बड़ों के द्वारा यह जघन्य अपराध उजागर करने पर डराया धमकाया भी जाता है। 26.घर, पर भी बच्चे प्रौन फिल्मों का मोबाइल बडे भी आजकल एसे साईट देखते है। 27.मोबाइल आ जाने के कारण बच्चों को आसानी से यौन शोषण के झांसे में ले लिया जाता है 28.क्योंकि बच्चा अपना सबसे अधिक समय स्कूल में ही होता है क्योंकि बच्चों को गुड टच एंड बैड टच की जानकारी नहीं होती 29.क्योंकि प्रत्येक बच्चे और प्रत्येक शिक्षक को व्यक्तिगत सुरक्षा,मानसिक स्वास्थ्य और लैंगिक अपराधों आदि के बारे में समय-समय पर प्रशिक्षण या शिविरों के माध्यम से जागरूक नहीं कराया जाता है,और यदि कराया भी जाता है तो महज औपचारिकता ही रह जाती है। 30.बड़े बच्चे छोटे बच्चों का भावनात्मक शोषण करते है 31.यह पूर्ण सत्य नहीं है कि शालाओं में बाल शोषण होता है। 32.मेरे विचार से सरस्वती के सदन में ऐसे कार्य नही होते है। यदि होते है तो कुत्सित और घृणित है। हां आंशिक रूप से कुछ स्कूलों में ऐसा होता है तो उसके कारण और बचाव की विधि को भी समझना आवश्यक है।

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